A- A+
If you have any query in your mind

Ramcharitra Prashnavali Free

Visitor Count
384

चौघडि़या

किसी भी कार्य को शुभ मुहूर्त या समय पर प्रारम्भ किया जाय तो परिणाम अपेक्षित आने की सम्भावना ज्यदा प्रबल होती है। यह शुभ समय चौघडि़या में देखकर प्राप्त किया जाता है।

दिन और रात्रि के चौघडि़या का आरम्भ क्रमश: सूर्योदय और सूर्यास्त होता है। प्रत्येक चौघडि़या 1-1/2 घंटे का होता है।

दिन का चौघडि़या

रवि सोम मंगल बुध गुरू 'शुक्र शनि
उद्वेग
अमृत रोग लाभ शुभ चर काल
चर काल उद्वेग अमृत रोग लाभ शुभ
लाभ
शुभ चर काल उद्वेग अमृत रोग
अमृत रोग लाभ शुभ चर काल उद्वेग
काल
उद्वेग अमृत रोग लाभ शुभ चर
शुभ चर काल उद्वेग अमृत रोग लाभ
रोग लाभ शुभ चर काल उद्वेग अमृत
उद्वेग अमृत रोग लाभ शुभ चर काल

रत्रि का चौघडि़या

रवि सोम मंगल बुध गुरू शुक्र शनि
शुभ चर काल उद्वेग अमृत रोग लाभ
अमृत रोग लाभ शुभ चर काल उद्वेग
चर काल उद्वेग अमृत रोग लाभ शुभ
रोग लाभ शुभ चर काल उद्वेग अमृत
काल उद्वेग अमृत रोग लाभ शुभ चर
लाभ शुभ चर काल उद्वेग अमृत रोग
उद्वेग अमृत रोग लाभ शुभ चर काल
शुभ चर काल उद्वेग अमृत रोग लाभ